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हिन्दी निबन्ध

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  निबंध का स्वरूप          निबंध को लेख भी कहा जाता है। गद्य साहित्य में निबंध को एक स्वतंत्र और सर्वश्रेष्ठ विधा के रूप में अपनाया गया है। इसमें लेखक अपने विचारों का प्रतिपादन युक्ती और तर्कों के आधार पर करता है । रामचंद्र शुक्ल के अनुसार - "गद्य रचना यदी कवियों की कसौटी है ,  तो निबंध गद्य की कसौटी है।" किसी लेखक का भाषा पर कितना अधिकार है ,  यह निबंध के द्वारा ही जाना जा सकता है। निबंध रचयिता के व्यक्तित्व का परिचायक है ।           निबंध शब्द की व्युत्पती  ‘ नि ’  उपसर्ग पूर्व बंध धातु या शब्दांश से मानी जाती है।  ‘ नि ’  का अर्थ है- विशेष प्रकार से ,  भली-भांती या उचित ढंग से ,  तो  ‘ बंध ’  का अर्थ है  –  बांधना। अर्थात विचारों को विशेष ढंग से ,  विशेष दृष्टी से प्रस्तुत करना। अत :  निबंध में विचारों का एक कसावपूर्ण तारतम्य होना चाहिये। साथ ही सुसंगठण और सुबद्धता भी।       ...

एकांकी नाटक

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  एकांकी का स्वरूप जब कोई नाटक एक अंक वाला होता है , तो उसे एकांकी कहा जाता है . अंग्रेजी में इसे हम “ वन ऐक्ट प्ले ” के नाम से भी जानते हैं और हिंदी में इसे “ एकांकी नाटक ” और “ एकांकी ” के नाम से जाना जाता है . एकांकी का अर्थ है कि जब किसी भी एक्ट या नाटक में किसी एक व्यक्ति का ही पूरी तरह से वर्णन होता है , और वो भी उसकी युवावस्था के बाद तो हम ऐसे एक्ट को एकांकी के नाम से जानते हैं . एकांकी अधिक विस्तार में नहीं होती है और इसकी गति अभिनय के समय तीव्र रहती है . इसे भी अन्य नाटकों की तरह थिएटर , टीवी , रेडियो आदि पे अभिनय के जरिये प्रस्तुत किया जाता है . सर्वप्रथम पश्चिम में एकांकी २०वीं शताब्दी में , प्रथम महायुद्ध के बाद , अत्यन्त प्रचलित और लोकप्रिय बन गया। एकांकी को हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में व्यापक प्रचलन के लिए इस शताब्दी के चौथे दशक में प्रचलित होने का मौका मिला । भारतीय परिवेश में एकांकी का इतिहास बहुत पुराना माना ...