हिन्दी निबन्ध
निबंध का स्वरूप निबंध को लेख भी कहा जाता है। गद्य साहित्य में निबंध को एक स्वतंत्र और सर्वश्रेष्ठ विधा के रूप में अपनाया गया है। इसमें लेखक अपने विचारों का प्रतिपादन युक्ती और तर्कों के आधार पर करता है । रामचंद्र शुक्ल के अनुसार - "गद्य रचना यदी कवियों की कसौटी है , तो निबंध गद्य की कसौटी है।" किसी लेखक का भाषा पर कितना अधिकार है , यह निबंध के द्वारा ही जाना जा सकता है। निबंध रचयिता के व्यक्तित्व का परिचायक है । निबंध शब्द की व्युत्पती ‘ नि ’ उपसर्ग पूर्व बंध धातु या शब्दांश से मानी जाती है। ‘ नि ’ का अर्थ है- विशेष प्रकार से , भली-भांती या उचित ढंग से , तो ‘ बंध ’ का अर्थ है – बांधना। अर्थात विचारों को विशेष ढंग से , विशेष दृष्टी से प्रस्तुत करना। अत : निबंध में विचारों का एक कसावपूर्ण तारतम्य होना चाहिये। साथ ही सुसंगठण और सुबद्धता भी। ...